मजा लीजिए: हरेश्वर राय

सर पे बैठी कजा का मजा लीजिए
खट्टी मीठी सजा का मजा लीजिए।

बाहर की फजा अब फना हो चुकी
तो घर की फजा का मजा लीजिए।

ज्ञान व ध्यान से जब फुरसत मिले
मौजा ही मौजा का मजा लीजिए।

दिन मुरुगा व दारु  के हैं लद गए
तो चना व भूंजा का मजा लीजिए।

घर में ताजे यदि संतरे हों खतम
सखे! खरबूजा का मजा लीजिए।

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