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चिरई: बिमल कुमार

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 कौना खोंतवा के हवु तु परान चिरई चलs उजरल बसा द मोर मकान चिरई. अँखिया चंचल गरदन सुराही नियन नाकि सुगा के ठोर  केशिया सियाही नियन     पइलु कहाँ शहद जस जुबान चिरई चलs उजरल बसा द मोर मकान चिरई. गलिया ओठवा गुलाबी ललाई नियन  गोर देहिया इ दूधवा मलाई नियन कबो लौकल ना अइसन मुस्कान चिरई चलs उजरल बसा द मोर मकान चिरई.  सोच गहिरा सागर गहराई नियन  बतिया असर करेला दवाई नियन नाहीं देखनी तहरा जस उड़ान चिरई चलs उजरल बसा द मोर मकान चिरई.  बनी जोड़ी इ राधा कन्हाई नियन फैली खुशबू गुरही मिठाई नियन हाथ मांगे आइब पता द अनजान चिरई चलs उजरल बसा द मोर मकान चिरई. सम्प्रति: विमल कुमार ग्राम +पोस्ट - जमुआँव, थाना- पीरो जिला- भोजपुर,  आरा (बिहार)

बान्हि दे माई तिलवा: बिमल कुमार

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काटे खातिर पिलिया धउरे भिरी ना आवे पिलवा। खाइब खियाइब हम बझाइब बान्हि दे माई तिलवा। नइखे ओकरा सुटर टोपी खूब सातावे जाड़ा। कूं-कूं कूं-कू रोज करेला रहेला रोवाँ खाड़ा। दुबर बा त छपले बाड़ं सन आँखि कान अँठई ढिलवा, खाइब खियाइब हम बझाइब बान्हि दे माई तिलवा। ठंढा ठंढा हवा बहेला टोपी सुटर पहिरा दे। गरम-गरम रोटी तरकारी बना-बना के खिया दे। दे दे माई जाके खिया दी ई रोटिया फाजिलवा, खाइब खियाइब हम बझाइब बान्हि दे माई तिलवा। हितवो मितवो लोभ में परि के आजु क देता गदारी। रही निभावत मुवला तक ई हमनी संघे इयारी। देला से खाली ना होई अन-धन भरल कोठिलवा, खाइब खियाइब हम बझाइब बान्हि दे माई तिलवा।    सम्प्रति: विमल कुमार ग्राम +पोस्ट - जमुआँव, थाना- पीरो जिला- भोजपुर,  आरा (बिहार)

कुछ भोजपुरी दोहे: बिमल कुमार

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दिल दिमाग में भरि गइल, जब ले फुहर बिचार। मनई तब ले हो गइल, पसु बड़का खूंखार।। ×××××× उजियारा नोकर बनल, अँधियारा के गेह। सूझे ना अब रासता, आस भइल सभ रेह।। ×××××× अँधियारा से लड़ि दिया, करे सदा उजियार। देख नफा घाटा मनुज, लेला बदल बिचार।। ×××××× नेटा नकटी खोंट थुक, कींची अउर खखार। गँवई बुतरू के हवे, मुखड़ा के सिंगार।। ×××××× कूद-कूद बानर नियन, देले सन हग मूत। गँवई लरिकन के इहे, होला खास सबूत।। सम्प्रति: विमल कुमार ग्राम +पोस्ट - जमुआँव, थाना- पीरो जिला- भोजपुर,  आरा (बिहार)

माई: बिमल कुमार

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माई गरियो देले त दुवा हो जाला माई के छुवते रोग हवा हो जाला माई धरती प ईश्वर के उपहार हियs माहुरो छुदेवेले त दवा हो जाला। सम्प्रति: विमल कुमार ग्राम +पोस्ट - जमुआँव, थाना- पीरो जिला- भोजपुर,  आरा (बिहार)

हमरा जातिये से बस सरकार चाही: बिमल कुमार

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हमरा जातिये से बस सरकार चाहीं। नोचे चोथे रोड भकोसे अलकतरा। चोर चाईं होखे भा होखे छहितरा। लुटे काटे मारे फारे अरु जनता के आवे ना देवे हमरा जतिया प खतरा।। ना चाही खास बिकास परकास हो हमरा लूल्हे लंगड़े मौआर चाही।। अमन चैन देखि-देखि जिया हुटहुटाला। ढिढ़वा ई भरी कइसे कुछु ना बुझाला। अउंघी ना लागे रतिया गड़ेला बिछौना मारे खातिर सेंध अबो हाथ ककुलाला।। रचिको ना घंटी शिवाला के सोहाये हमरा रोजे हतेया बलात्कार चाही।। राति में चरतीं कबरतीं आन टोपरी। सान बघरतीं सवँरतीं दिन में बबरी। दोसरा के फटला टंगरी घुसेड़तीं- खुबे इतरइतीं बजइतीं हँसि हँसि थपरी।। दइब दुवरे लगाइना रोज गुहार हो परिवरवे से कुक्कुर भा बिलार चाही।। सम्प्रति: विमल कुमार ग्राम +पोस्ट - जमुआँव,  थाना- पीरो  जिला-  भोजपुर,  आरा (बिहार)

बलमा: बिमल कुमार

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पइल सुघर-साघर नरम मिजाज बलमा तहरे माथे रही हरदम ताज बलमा। बनि के धाधाये मोर हिया हिरनिया लगनी कहाय रानी तहरे करनिया करे देल ना छुइयो के काज बलमा। आगे पीछे तहरा लछिमी घुमेली पथरो के छुवेल ऊ सोना क देली का सबका से अधिक देल ब्याज बलमा। नथिया मँगनी दिहल सउसे दोकनिया नखरा उठावेल कहि कहि प्यारी धनिया खूब होखेला तहरा प नाज बलमा। सम्प्रति: विमल कुमार ग्राम +पोस्ट - जमुआँव, थाना- पीरो जिला- भोजपुर,  आरा (बिहार)

हाथ मिलाईं गरवा लागाईं: बिमल कुमार

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हाथ मिलाईं गरवा लागाईं प्रीति पिआ के पेयास बुझाईं।  मउवत तनले रहेले आरी झुठे आपुसे में मारामारी उ ना बुझेले अब्बर जब्बर चाहे जेकरे कटेला नंबर स्वारथ काँटा उजारि पजारि के परमारथ के फूल उगाईं। हाथ मिलाईं गरवा लागाईं प्रीति पिआ के पेयास बुझाईं। जाति पाति के बिष मत घोरीं साधु बनीं छोड़ हतेया चोरी लहसे दिहीं हरियर गँछियन के नोच नाचि मति ढेर पाप बटोरीं। हियरा में पावन गंग बहाके झगरा उलाहना सभ भुलाईं। हाथ मिलाईं गरवा लागाईं प्रीति पिआ के पेयास बुझाईं। बइठे मत दीं ही में अन्हरिया चले ना दी कबो सही डहरिया फुहर पातर मति सोंच राखबि त लहरि जाई सपना के नगरिया। फूल बिछाईं भले ना राह में बाकी बिन-बिन काँट कुस हटाईं। हाथ मिलाईं गरवा लागाईं प्रीति पिआ के पेयास बुझाईं। सम्प्रति: विमल कुमार ग्राम +पोस्ट - जमुआँव,  थाना- पीरो  जिला-  भोजपुर,  आरा (बिहार)