सब अखबारी बा: हरेश्वर राय

जनता धुधुकारी राजा अधकपारी बा
सब हवा-हवाई बा सब अखबारी बा।

रामराज के सपना घूमता लुआठाईल
सहीदन के कर्जा अभी ले उधारी बा।

देस के खजाना लेके उड़ल गोसईंया
बैठल बिदेसवा में  काटत फरारी बा।

भठिहारा के नांव बाटे बाल ब्रह्मचारी
रुप में कलक्टर के घूमत पटवारी बा।

बिकास के डुगी बहुते पीटाता बाकिर
बिछौना हमार त अभी ले पेटाढ़ी बा।
हरेश्वर राय, सतना, म.प्र.

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