नूं करी

 केहू के खोंखी आई त खोंखबे नूं करी
पेनवा पुरान हो जाई त पोंकबे नूं करी
मंच मिली नचनिया के त नाची - कूदी
नेता के मंच मिली त  झोंकबे नूं करी।

कुछ गवईया गावस ना बस अललाले
कुछ बजवईया बजावेले बस झपताले
कुछ नचवईया खलिसा उछड़ेलन जा
कुछ बोलवईया खलिसा पकपकाले।