फेर एहू साल बाड़े जाड़ दद्दू आइल

फेर एहू साल बाड़े जाड़ दद्दू आइल
बा कूहा के चद्दर में गांव लपेटाइल।

दुअरा के कउड़ प लागता मजलिस
महंगुआ के मेटा से सूटर खिंचाइल।

सतुआ पीसात बाटे लिट्टी बनावे ला 
दादी खाति माटी के बोरसी पराइल।

अंगनाई लिपात बा दुअरवा लिपाता
गैंड़ा के खेतवा में कोबिया फुलाइल।

पछेया के हवा चुभेला तीर जइसन
हड़वा में हमरा बा जड़वा समाइल।

लोकप्रिय पोस्ट

मुखिया जी: उमेश कुमार राय

BHOJPURI Poems by Hareshwar Roy

मोरी मईया जी

सरभंग सम्प्रदाय : सामान्य परिचय - डॉ. जयकान्त सिंह 'जय'

डॉ रंजन विकास के फेर ना भेंटाई ऊ पचरुखिया - विष्णुदेव तिवारी