एगो उगल बा चान: हरेश्वर राय

एगो उगल बा चान
पिछुआरी में।

आम मोजराइल आ महुआ कोचाइल
कोइली के बोली में मिसिरी घोराइल
आके पसरल बसंत
फुलवारी में।

पियरी पहिनलस बधरिया गुजरिया
चह - चह भइली सांवरो बंसवरिया
चोन्हाए लगली पुरवा
बधारी में।

चाक जस नाचता मोर फुलवरिया
दुअरा प बरसता रंगवा अबिरिया
झारsतारी असीस भउजो
गारी में।
हरेश्वर राय, सतना, म.प्र.

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