भोजपुरी के भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल भइला के प्रमुख लाभ - डॉ. जयकान्त सिंह 'जय'



* राजभाषा हिंदी के विकास में भोजपुरी का योगदान के सही मूल्यांकन
* भोजपुरी के अध्ययन - अनुसंधान आ विकास खातिर सरकार के ओर से अनघा आर्थिक सहयोग
* भोजपुरी भाषा के भाषिक, साहित्यिक आ सांस्कृतिक सृजन के राष्ट्रीय - अन्तराष्ट्रीय सम्मान
* भोजपुरी भाषा के कार्य क्षेत्र - भाषा वैज्ञानिक अध्ययन - अनुसंधान, व्याकरण निर्माण, कोश निर्माण, साहित्य निर्माण, अनुवाद कार्य / विभाग आदि क्षेत्र में विशेष आर्थिक सहयोग आ एह क्षेत्र में रोजगार के विशेष अवसर
* संघ / राज्य लोक सेवा आयोग के प्रवेश परीक्षा के एगो विषय आ वैकल्पिक माध्यम भाषा के रुप में भोजपुरी के बेवहार मतलब बेजोड़ रोजगार के अवसर
* प्राथमिक स्तर से लेके पी० जी०/पी-एच्०- डी०/ डी लिट स्तर तक अध्ययन अनुसंधान खातिर शिक्षक /प्रोफेसर के पद सृजन, नियुक्ति आ भाषा साहित्य समाज संस्कृति से संबंधित पठनीय पुस्तकन के प्रकाशन
* कई सरकारी, अर्ध सरकारी आ गैर सरकारी विभागन में भोजपुरी अनुवादक के पद सृजन आ नियुक्ति
* सरकार के वार्षिक बजट आ पंचवर्षीय योजना के जरिये मोट रकम के विनियुक्ति
* प्रेस, प्रकाशन , फिल्म उद्योग, रेडियो दूरदर्शन के प्रसारण में विशेष महत्व
* भोजपुरी साहित्य अकादमी के गठन आ कार्य
* भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३४४ के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा भाषा के विकास खातिर विशेष आयोगन के गठन आ नियुक्ति
* देश के आउर भाषा सब के तुलना में प्रकट विशेषाधिकार
* सरकारी स्तर पर बालोपयोगी, साक्षरता अभियान खातिर शिक्षा साधन, पाठ्य पुस्तक , साहित्यिक कृतियन के प्रकाशन आ लेखक लोग के सम्मान / पुरस्कार
* भारतीय रिजर्व बैंक के भारतीय रुपया पर भोजपुरी भाषा में ओकर मूल्य अंकित आदि आदि।

(भारतीय जनगणना के समय के मातृभाषा के जगह पर भोजपुरी लिखवावे खातिर जन जागरूकता अभियान चलावल जाए। ग्रामसभा से लेके लोकसभा तक जन प्रतिनिधि लोग से सम्पर्क-संबाद होखे। विद्यालय-महाविद्यालय स्तर पर सभे से सम्पर्क होखे।)

-- भोजपुरी भाषी जनता के जानकारी खातिर अधिक से अधिक शेयर कइल जाए।
सम्प्रति:
डॉ. जयकान्त सिंह 'जय'
प्रताप भवन, महाराणा प्रताप नगर,
मार्ग सं- 1(सी), भिखनपुरा,
मुजफ्फरपुर (बिहार)
पिन कोड - 842001


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