बलमा: बिमल कुमार

पइल सुघर-साघर नरम मिजाज बलमा
तहरे माथे रही हरदम ताज बलमा।

बनि के धाधाये मोर हिया हिरनिया
लगनी कहाय रानी तहरे करनिया
करे देल ना छुइयो के काज बलमा।

आगे पीछे तहरा लछिमी घुमेली
पथरो के छुवेल ऊ सोना क देली
का सबका से अधिक देल ब्याज बलमा।

नथिया मँगनी दिहल सउसे दोकनिया
नखरा उठावेल कहि कहि प्यारी धनिया
खूब होखेला तहरा प नाज बलमा।
सम्प्रति:

विमल कुमार
ग्राम +पोस्ट - जमुआँव, थाना- पीरो
जिला- भोजपुर,  आरा (बिहार)





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