जेने देखीं ओनिए झोल: हरेश्वर राय

जेने देखीं
ओनिए झोल।

सहर गाँव के
नदी नाव के
तरजुई के
सेर पाव के

बिगड़ल बाटे
बोली बोल।

नेता लफाड़ी
पंच खेलाड़ी
मरदे मेहरारु
चतुर अनाड़ी

सभे पहिरले
बड़ुए खोल।

हरेश्वर राय, सतना 

लोकप्रिय पोस्ट

मुखिया जी: उमेश कुमार राय

BHOJPURI Poems by Hareshwar Roy

मोरी मईया जी

सरभंग सम्प्रदाय : सामान्य परिचय - डॉ. जयकान्त सिंह 'जय'

डॉ रंजन विकास के फेर ना भेंटाई ऊ पचरुखिया - विष्णुदेव तिवारी