एक बेर भठयुग में पधारीं

एक बेर भठयुग में पधारीं
राउर नउआँ नन्दकुमार गोबर्धनधारी ए हरी
रउरे हईं किसन मुरारी रास बिहारी ए हरी।

राउर जनम भूमि हे केशव हउवे मथुराधाम
स्याम रंग बदरी से लेके हो गइनी घनस्याम
रउरे पार्थ सारथी मधुसूदन चक्रधारी ए हरी।

कंसारी गोबिंदा छलिया मोहन मदन मनोहर
मायापति माधव रउरा जी बनवारी मुरलीधर
कंसन असुरन के नास करीं असुरारी ए हरी।

यादवेन्द्र गिरधर गोपेश्वर योगिपति अघहारी
देवकी नंदन रास रचईया रउरा कुंज बिहारी
एक बेर भठयुग में पधारीं लीलाधारी ए हरी।

- हरेश्वर राय, सतना

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